स्वीमिंग पुल सहित एक दर्जन निर्माण कार्यों की स्वीकृति 

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निगम सम्मेलन से किया सहायक यंत्री भार्गव को बाहर वापस लिए सभी प्रभार

Corrupt VP Bhargava gets out of the house

निगम सम्मेलन से बाहर जाते हुए सहायक यंत्री पीयूष भार्गव

यह नगर निगम इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी भ्रष्टाचारी अधिकारी या कर्मचारी को निगम सम्मेलन से बाहर कर उसके सभी प्रभार वापस लिए गए हों।

उज्जैन। सात महीने बाद नगर निगम परिषद का सम्मेलन सोमवार सुबह 11 बजे से आगर रोड स्थित निगम मुख्यालय में बुलाया गया। सम्मेलन में कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया जिसके चलते कुछ देर के लिए सम्मेलन स्थिगित भी करना पड़ा, परंतु सम्मेलन में कईं महत्वपूर्ण कार्यों की मंजूरी भी हुई है। इसके साथ ही निगम के सहायक यंत्री पीयूष भार्गव को भी उनकी भ्रष्टाचारी आदतों के चलते शर्मसार होकर बाहर जाना पड़़ा, साथ ही अब तक जो प्रभार उन्हें निगम ने दे रखे थे वे भी उनसे छीन लिए गए। यह उज्जैन नगर निगम के इतिहास में पहला मामला है जब सभी पार्षदों ने एक साथ किसी भ्रष्ट अधिकारी की शिकायत की और सभापति ने उसके सभी प्रभार लेकर बेइज्जत कर निगम सम्मेलन से बाहर कर दिया।
प्रश्रकाल के दौरान प्रेमछाया परिसर से नईसड़क तक रोड बनाने का मामला उठा जिसको लेकर पार्षद योगेश्वरी राठौर ने सहायक यंत्री पीयूष भार्गव पर पे्रेम छाया परिसर मालिक से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए काम को डीले करने का आरोप लगाया। इसके बाद सभी भाजपा पार्षद एक साथ सम्मेलन में खड़े हो गए और पार्षद संतोष व्यास ने कहा कि आखिर महापौर और निगम अध्यक्ष सहित निगम कमिश्रर की ऐसी क्या मजबूरी है कि लोकायुक्त में पकड़ा चुके हैं व कईं मामलों में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप है बावजूद सहायक यंत्री पीयूष भार्गव को महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंप रखी है। सभी पार्षदों ने एक स्वर में सभापति सोनू गेहलोत से कहा कि तत्काल पीयूष भार्गव से सभी प्रभार ले लिए जाएं और उन्हें निगम के सम्मेलन से भी बाहर कर दिया जाए। इसके बाद पार्षदों की बात सूनते हुए सभापति ने तत्काल निगम कमिश्नर को निर्देशित किया की भार्गव के सभी प्रभार तत्काल प्रभाव से स्थगित करते हुए सम्मेलन से बाहर कर दिया जाए। इसके बाद सहायक यंत्री पीयूष भार्गव को सदन से बाहर जाने का कहकर उनके सभी प्रभार ले लिए गए।
सम्मेलन में मिनरल वाटर क्यों? 
इसके बाद प्रश्र करते हुए कांग्रेस पार्षद सपना सांखला ने भी महापौर और निगम सभापति पर आरोप लगाया कि आप सभी बैठ कर सम्मेलन में मिनरल वॉटर पी रहे हैं। जबकि जिस जनता ने आपको यहां तक पहुंचाया है वह गंदा पानी पीने को मजबूर है। आप क्यों न यहां बैठकर जनता को नलों से प्रदाय किए जाने वाले पानी को पीएं? इस पर महापौर मौन साध गई। वहीं भाजपा के पार्षद सत्यनारायण ने कहा की जनता को भी अच्छा पानी पिलाया जा रहा है। इस पर सपना सांखला ने सम्मेलन में मिनरल वॉटर की बॉटर दे रहे प्यून से कहा कि इन्हें नलों से प्रदाय किए जाने वाले पानी का ग्लास लाकर दो।
कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों में नोकझोंक 
सदन के दौरान कईं बार भाजपा और कांग्रेस पार्षदों में कईं मामलों को लेकर नोंकझोंक हुई। कांग्रेस पार्षद विजय दरबार ने आरोप लगाया कि भाजपा बोर्ड में गायों की हालत खराब है, मवेशी रोड पर विचरण करते रहते हैं इस पर भाजपा के पार्षद संजय कोरट ने कहा कि कांगे्रस के बोर्ड के समय गायें कत्लखानों में चली जाती थी, यह भाजपा बोर्ड की उपलब्धि है कि अब गायें कत्लखानों के बजाय रोड पर घूम रही है। इस बीच कांगे्रस पार्षद रहीम शाह लाला ने कि मुसलमान ही कत्लखाने नहीं चलाते जिसको लेकर सदन मेें हंगामा हो गया।
ऐसे कईं मौके आए जब कांगे्रस पार्षद माया राजेश त्रिवेदी अपना स्थान छोड़कर सभापति की कुर्सी के सामने पहुंच गई।
३५ बिंदूओं पर हुआ विचार 
सम्मेलन में कुल 35 बिंदुओं पर विचार किया जाएगा। जिनमें से 18 नामांतरण स्वीकृति के हैं। रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी पर शहर में अस्थाई दुकानें कहां लगाई जाएंगी इस पर भी विचार किया गया। जिसमें अगले सम्मेलन में स्थान तय करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही निगम के एक्शन प्लान पर भी बात हुई। सम्मेलन में सभापति ने कहा की सीवरेज प्लान का क्रियान्वयन जब होगा उस समय नगर हित के दृष्टिगत रूप रेखा तैयार की जाएगी, फिलहाल इस योजना के कारण वार्डो में होने वाले अन्य निर्माण कार्यों को रोका जाना ठीक नहीं है। निर्माण एवं विकास कार्य तत्काल आरंभ किये जाएं।
इन कार्यों को मिली स्वीकृति 
स्वीमिंग पूल निर्माण के प्रकरण में निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत ने निर्णय पारित किया कि नजरअली केम्पस की भूमि के जिस क्षैत्र में यह स्वीमिंग पूल प्रस्तावित है उसके स्वामित्व का परीक्षण आयुक्त करें और अविवादित भूमि पर स्वामित्व से सन्तुष्ट होने के उपरांत स्वीमिंग पूल निर्माण की कार्यवाही आरंभ की जाए।
इसके साथ ही परिषद सम्मिलन में रूद्रसागर क्षैत्र में ऑडीटोरियम निर्माण, दूधतलाई क्षैत्र में शापिंग काम्पलेक्स निर्माण, गोपाल मंदिर पुराने निगम भवन में शापिंग काम्पलेक्स निर्माण, सेप्टिक टेंक सफाई व्यवस्था में सुधार, नानाखेड़ा पार्किंग स्थल का ठेका दिये जाने, निगम स्वामित्व की विभिन्न दुकानों के नामान्तरण किये जाने, कार्तिक मेला एवं अटल खेल मेला आयोजन, सिंहस्थ मानदेय से वंचित कर्मचरियों को भी मानदेय दिये जाने हेतु शासन को प्रस्ताव देने, महाकाल वन प्रोजेक्ट अन्तर्गत निर्मित रेस्टोरेंट को लीज पर दिये जाने, रत्ना खेड़ी में गौशाला निर्माण एवं विकास कार्यों के प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई।

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