महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा एवं पवित्रता भंग करने वाले दर्शनार्थियों पर भी कार्यवाही हो

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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर सनातन धर्म का केन्द्र है, मंदिर की परंपरा, पवित्रता का पालन करना एवं करवाने का दायित्व महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का बनता है। लेकिन मंदिर समिति द्वारा पवित्रता, परंपरा के लिए कोई ठोस आचार संहिता नहीं बनाने के कारण आये दिन वीआईपी एवं पद प्रतिष्ठा वाले लोग मंदिर की शांति, पवित्रता एवं परंपरा भंग करते हैं। जब कर्मचारी, पुजारी, ब्राह्मण ऐसे करने से रोकते हैं तो उनकी झूठी शिकायत की जाती है। मंदिर के नियमानुसार होने वाली समस्त आरती एवंज ब जब गर्भगृह का प्रवेश बंद होता है तब जो वस्तुएं निषेध है उनको पहनकर एवं साथ लेकर गर्भगृह में प्रवेश करना उचित नहीं है तथा मंदिर की मर्यादा एवं परंपरा भंग करने जैसा कृत्य होता है।
महाकाल सेना धर्म प्रकोष्ठ के प्रमुख राजू बैरागी ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह मांग की। सामान्य दर्शनार्थी से लेकर वीआईपी लोग मंदिर की पवित्रता, परंपरा एवं शांति के साथ खिलवाड़ करते हैं तो उन पर भी कठोर कार्यवाही मंदिर समिति को करना चाहिये। यदि किसी भी शिकायत पर मंदिर के कर्मचारी, पुजारी, ब्राह्मण को नोटिस देकर तलब किया जाता है तो वही प्रक्रिया उस शिकायतकर्ता दर्शनार्थी के साथ भी होना चाहिये चाहे वह कितने ही उंचे पद पर क्यों न हो। मंदिर में सभी सामान्य दर्शनार्थी ही होते हैं। सभी को मंदिर के नियमों का पालन करना चाहिये।

One thought on “महाकालेश्वर मंदिर की परंपरा एवं पवित्रता भंग करने वाले दर्शनार्थियों पर भी कार्यवाही हो”

  1. मंदिर के पुजारी कौन सी परंपरा का पालन कर रहे हैं जब मंदिर में मोबाइल फोन ले जाना मना है तभी तो सभी पंडित मोबाइल फोन मंदिर में ले जाते हैं मंदिर में शिवलिंग का और फोटो और दूसरी जगह का फोटो खींचना मना है तब भी शिवलिंग का फोटो खींचकर रोज नेट पर अपलोड करते हैं जब गर्भ ग्रह में प्रवेश बंद होता है तो पंडित लोग ही अपने जजमानों को लेकर अंदर प्रवेश करते हैं उन्हें कोई क्यों नहीं रोकता है जबकि प्रशासन सब देखता है इस ओर कोई क्यों ध्यान नहीं देता मोबाइल फोन जब आम लोगों के लिए प्रतिबंधित है तो पंडितों के लिए भी प्रतिबंधित होना चाहिए।

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