दुर्लभ’ संयोग में मतदान का अवसर पा रहे हैं अवन्तिका वासी, दिन भर अनुराधा नक्षत्र जिसके स्वामी ‘मित्रदेव

Anantika is waiting for a chance in the 'rare' coincidence, Anuradha Nakshatra, whose lord 'friend'

दुर्लभ’ संयोग में मतदान का अवसर पा रहे हैं अवन्तिका वासी, दिन भर अनुराधा नक्षत्र जिसके स्वामी ‘मित्रदेव

लोकतंत्र का उत्सव अंतिम पड़ाव पर आ चुका है। अंतिम चरण में 19 मई को काशी समेत आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होगा। रविवार 19 मई को ज्येष्ठ मास का प्रारम्भ भी हो रहा है। वामन पुराण के अनुसार इस मास में दान का महत्व अतीव महत्वपूर्ण है। ऐसे में उज्जैन वासियों को लोकतंत्र के महापर्व में दुर्लभ संयोग में मतदान करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। बीएचयू ज्योतिष विभाग के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के मुताबिक 19 मई को पूरे दिन अनुराधा नक्षत्र है जिसका स्वामी ‘मित्रदेव’ हैं यह मैत्रसंज्ञक नक्षत्र होने से स्वयं मतदान कर मित्रों को भी मतदान करने के लिए प्रेरित करें ऐसा संदेश दे रहा है। दिन 1 बजकर 37 मिनट से ‘शिव’ योग लग रहा है। यह कल्याण कारक एवं सफलतादायक योग होता है। शिव का अर्थ वेद होता है। कहा भी गया है ‘वेद: शिव: शिवो वेद:’,वेद शिव हैं और शिव वेद हैं अर्थात शिव वेदस्वरूप हैं। उज्जैन शिव की नगरी है जितने भी बौद्धिक कार्य हैं; वे सभी शिव योग में उत्तम माने गयें हैं। लोककल्याण के कार्य इस योग में बहुत ही सफलतादायक माना गया है।

‘प्रतिपदा’ यानी बूथ की तरफ पांव बढ़ा

रविवार को पूरे दिन प्रतिपदा तिथि है। यह प्रथमा तिथि है। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को चन्द्र पूर्ण होता है, अत: वह समस्त शुभ कार्यों में प्रयोजनीय कही गयी है। ‘प्रति’ का अर्थ है सामने और ‘पदा’ का अर्थ है पग बढ़ाना। यह तिथि उज्जैन के मतदाताओं को पोलिंग बूथ की तरफ पग बढ़ाकर मतदान करने को संकेत दे रही है। प्रतिपदा को नन्दा तिथि भी कहा गया है, नन्दा अर्थात् आनन्द देने वाली। कृष्ण प्रतिपदा को चन्द्रमा की प्रथम कला होती है। उस कला का अमृतपान कर श्री अग्निदेव स्वयं को पुष्ट करते हैं। प्रतिपदा को कोहड़ा एवं कोहड़े से निर्मित वस्तु पेठा आदि का सेवन नहीं करना चाहिये। साथ ही रविवार को यथासंभव तेल से बने पदार्थ नही खाना चाहिये।