ज्योतिषीय रिसर्च में सामने आया, अशुभ है 2000 के नोट का रंग

Astrological exploration came in front, the ominous 2000 note color

ज्योतिषीय रिसर्च में सामने आया, अशुभ है 2000 के नोट का रंग

इंसान के जीवन में रंगों का बहुत महत्व है. हर रंग अपनी तरह इस इंसानी जिन्दगी पर कोई न कोई असर जरूर छोड़ता है. साथ ही इन रंगों का असर हमारे भाग्य और फीलिंग्स पर भी पड़ता है. इस बारे में आचार्य वराह मिहिर ने ज्योतिष के सर्वांगीण पहलुओं पर विस्तार से अध्ययन व अध्यापन किया है. उनके द्वारा होराशास्त्र पर लिखी गई ‘बृहज्जातक’ उनकी सर्वोत्तम प्रौढ़ रचना है. उन्होंने अपने ग्रंथ में राशि, ग्रहों के रंगों का वर्णन किया है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि यह रंग किस प्रकार से मानव जीवन पर असर डालते हैं. एक रिसर्च में सामने आया है कि नोटबंदी के बाद बाजार में उतारे गए 2000 रुपए के नोट देश में आर्थिक उथल-पुथल का कारण बने हुए हैं. ज्योतिषीय गणनाओं और प्राकृतिक चिकित्सा में उपचार के लिए रंगों का विशेष महत्व है. हर प्रकार का रंग अपने भीतर एक प्रकार का गुण लिए होता है. अगर रंगों के गुणों का सही और सटीक इस्तेमाल हो तो इसके बहुत लाभदायाक परिणाम हासिल होते हैं. जो जातक सही समय पर सही रंगों का सही प्रयोग करता है, उसका जीवन लय में होता है और अच्छे परिणाम हासिल होते हैं. वाराणसी के ज्योतिष विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शोध छात्र ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि  आज से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व 8 नवम्बर 2016 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्वारा नोट बंदी की घोषणा की थी. यह फैसला जहां एक ओर काला धन निकालने में सफल हुआ तो वहीं नये नोट के रंग लोगों के लिए आर्थिक परेशानियों का सबब बन रहे हैं. इनमे ख़ासतौर से दो हजार रुपये का नोट है. इस नोट का रंग गुलाबी है. ज्योतिषीय शास्त्र में गुलाबी रंग का प्रभाव बहुत शुभकारी नहीं माना जाता है. इसका अकारण है कि गुलाबी रंग शुक्र, चन्द्र और मंगल का संयुक्त रंग माना जाता है. चन्द्र मन का कारक होने से असमंजस की स्थिति उत्पन्न करता है, मंगल उद्विग्नता, शुक्र क्या करें क्या न करें,असमंजस की स्थिति उत्पन्न करता है. नोट को हल्का से मोड़ने पर सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है. नीला रंग राहु का होने से राहु अनिश्चितता का अहसास कराता है. गुलाबी रंग किशोरावस्था में बुरी तरह भटकाव भी पैदा करता है, इसलिए उम्र के इस दौर में इससे बचना चाहिए. लेकिन रुपये बिना काम न चलने से मजबूरन इसे पास रखना ही पड़ता है. यही कारण है कि दो हजार के नोट का चेंज होते ही बहुत तेजी से खत्म होता है. अगर किसी की जेब में दो हजार के 10 नोट जेब में है लेकिन वो फीलिंग नहीं आएगी कि आपकी जेब में बीस हजार रुपये हैं. एक साथ दो हजार के अधिक नोट पास में रखने से मनुष्य में चिड़चिड़ापन भी आ जाता है, जल्द ही गुस्सा भी हो जाता है. इन सभी तथ्यों के बारे में ज्योतिष विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शोध छात्र ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि उपरोक्त तथ्य बीते एक साल में एक हजार से ज्यादा लोगों मे रिसर्च करने पर सामने आया है।