बाबा की पोटली

Baba's bundle

हमारे धर्म शास्त्रों में चौरासी लाख योनियों का वर्णन आता है और इन योनियों में तरह तरह के जीव जंतु मनुष्य और कई तरह के अनदेखे प्राणी है पर एक प्राणी या जीव जिसका नाम या संख्या इन योनियों में नहीं आती है पर ये जीव आपने और हमने देखा हुआ है और इसके काटे का इलाज भी नहीं होता | अब आप सोच रहे है कि आखिर वो ऐसा कौनसा जीव है ? तो हम आपको बता दें की इसे कहते है फुरसतिया कीड़ा | जी हाँ ये अद्भुत कीड़ा आपको आजकल हर जगह देखने को मिलेगा | इसके दिखने का कोई सीजन नहीं होता कोई समय नहीं होता | और महाशय.. जब ये कीड़ा काटता है तो अच्छे अच्छे लोग ज्ञानवान बन जाते है | ना जाने उनमे कहाँ से ज्ञान की अजस्त्र गंगा बहने लगती है | हर विषय के पारखी ये फुरसतिये कीड़े के काटे हुए ज्ञानचंद, हमें ऑफिस में, चौराहों पर, दोस्तों की मंडलियों में, चाय की दुकानों पर,किटी पार्टीज में, शादी ब्याह के कार्यक्रमों में और यहाँ  तक की किसी की मय्यत में भी देखने को मिल जाते है | अब इनमे सबमे कॉमन विषय होता है इनके द्वारा किसी के जीवन में किया गया महान योगदान या दुसरे के द्वारा इनके जीवन में किये गए कार्य या अपेक्षा की उपेक्षा |  हाँ … पहले इस किस्म की बातें हमारे बढे बूढों और समाज के वरिष्ठों की बपोती हुआ करती थी पर आज के बदलते दौर में इस कीड़े ने हमारे युवाओं को काटा और वो भी लग गए इसी काम में की किसी ने उनके जीवन में ऐसा क्या योगदान दिया की उनका जीवन नारकीय हो गया या उनके द्वारा किसी के जीवन क्या योगदान दिया गया जिससे किसी का जीवन बहुत महान बन गया या कोई लखपति करोडपति बन गया |

बड़ा सरल और हास्यास्पद लगने वाला ये विषय अपने अन्दर उतनी ही गंभीरता समेटे हुए है | हमारी दिनचर्या का अधिकतम समय इसी बात में निकल जाता है | फिर मूल्यहीन सा लगने वाला ये मूल्यवान समय रेती की तरह हाथों से चला जाता है | आपने जिसके बारे में बात की, न उसे कोई फर्क पडा ना ही जिसके सामने बात कर रहे है उसे कोई फर्क पड़ रहा है तो फिर आप अपना अमूल्य समय इन सब बातों में लगाने से अच्छा अपने जीवन को दिशा देने में क्यों नहीं लगाते | आपके जीवन में ऐसे कई छोटे बड़े पहलूँ है जिन्हें आपको समझने की ज़रुरत है | किसी अपने को आपके अमूल्य मार्गदर्शन की जरूरत है | रिश्तों में आई दरारे बस एक एक लफ्ज़ से फिर भर जाती है और वो है … जाने दो .. भूल जाओ .. आओ कुछ नया करते है |

तो अपने समय की कीमत पहचानिए और उसे सही जगह लगाइए | और इस फुरसतिये कीड़े को खुद को काटने से बचाइये | क्योकि इसका इलाज़ किसी के पास नहीं |

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