डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से सावधानी जरूरी

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उज्जैन । डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया तथा अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिये लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर  संकेत भोंडवे ने विभागीय अमले को सजग एवं मुस्तैद होकर इन बीमारियों की रोकथाम के लिये काम करने के निर्देश दिए हैं।

डेंगू एवं चिकनगुनिया एक संक्रमित मच्छर एडीज प्रभावी मादा मच्छर के काटने से मनुष्य में फैसले वाला एक वायरल रोग है। डेंगू का वायरस तथा चिकनगुनिया का चिक वायरस होता है। डेंगू का एक मच्छर एक दिन में कम से कम 50 लोगों को संक्रमित करता है। यह सामान्यत: डेंगू ज्वर के रूप में उत्पन्न होता है। चिकनगुनिया में ज्वर के साथ जोड़ों में दर्द उत्पन्न होता है और समय पर उचित इलाज न कराने पर जान भी जा सकती है। 

रोग के लक्षण

  • रोगी को अचानक तेज बुखार, कमर में, जोडों में व सिर में असहनीय दर्द होता है।
  • जी मिचलाता है और उल्टी भी होती है। शरीर में छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं।
  • डेंगू जब घातक अवस्था में होता है तो शरीर पर लाल चकत्ते बन जाते हैं व नाक और दस्त में रक्त स्त्राव होने लगता है। ऐसी अवस्था में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सक से सलाह लेवें तथा इस अवस्था में पीड़ित मरीज को एस्प्रीन व ब्रूफेन दवा बिल्कुल न देवें।

बचाव के उपाय

  • छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री में पानी जमा न होने दें।
  • सप्ताह में एक बार अपने कूलर्स, बाल्टी, टब आदि का पानी खाली कर सुखाकर पानी भरें।
  • पानी के बर्तन, टंकियों आदि को ढ़क कर रखें।
  • घर के आस-पास के गड्डों को मिट्टी से भर दें। पानी भरे रहने वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन का तेल डालें।
  • सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। याद रखें डेंगू रोग जानलेवा हो सकता है। लक्षण पाए जाने पर तुरंत सरकारी अस्पताल जाकर चिकित्सक से सलाह लें।
  • फुल आस्तीन के कपड़े पहनें व सामुदायिक स्थानों पर स्वच्छता का ध्यान रखें।

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