नृत्य आराधना, नृत्य मंदिर संस्थान का समागम कार्यक्रम प्रारंभ हुआ

Dancing ceremony, dance program of the dance temple started

माँ क्षिप्रा, उज्जैन और प्रदेश को स्वच्छ बनाने का संकल्प लें- ऊर्जा मंत्री श्री जैन

उज्जैन। नृत्य आराधना, नृत्य मंदिर संस्थान द्वारा शनिवार को पं. सूर्यनारायण व्यास संकूल कालिदास अकादमी में मोक्ष दायिनी मॉं क्षिप्रा पर आधारित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘समागम’ का शुभारंभ किया गया।  कार्यक्रम के प्रारंभ सत्र के मुख्य अतिथि ऊर्जा मंत्री पारस जैन थे।  उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने माँ क्षिप्रा और माँ नर्मदा को मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।  मोक्ष दायिनी माँ क्षिप्रा हमारे उज्जैन की पहचान और धरोहर है।  इसके महत्व को जन-जन से परिचित कराने के उद्देश्य से ही यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।  ऐसे कार्यक्रम आगे भी समय-समय पर आयोजित किये जाने चाहिए, ताकि युवा वर्ग भी माँ क्षिप्रा के जल को सतत् प्रवाहमान बनाने और उसे शुद्ध करने के लिए कृतसंकल्पित हो सके। मंत्री श्री जैन ने अपनी ओर से सभी को इस आयोजन की शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर अतिथियों द्वारा माँ क्षिप्रा, माँ सरस्वती व भगवान गणेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया गया और सभी ने यह संकल्प लिया कि वे माँ क्षिप्रा के जल को कल कल-छल छल बनाएंगे और उसके जल को प्रवाहमान बनाने के लिए कठोर परिश्रम करेंगे।  इसके पश्चात स्वागत भाषण  अर्पित गुप्ता द्वारा दिया गया।  कार्यक्रम का संचालन सुदर्शन अयाचित ने किया।  इसके पश्चात नृत्य आराधना, नृत्य मंदिर संस्थान की अध्यक्ष और संयोजक सुश्री खुश्बू पांचाल द्वारा अतिथियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि इस कार्यक्रम को अयोजित करने के पिछे प्रमुख उद्देश्य यही है कि युवा पीढ़ी को माँ क्षिप्रा के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया जा सके, क्योंकि माँ क्षिप्रा ही उज्जैन की जीवनधारा है और कई धरोहरों को ये अपने अंदर समेटे हुए है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  प्रदीप पाण्डेय,   विशाल राजौरिया और वरिष्ठ नृत्यांगना डॉ. पूनम व्यास  मौजूद थे। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा कलाकारों का शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।  इसके पश्चात श्रीमती पूनम व्यास के निर्देशन में पं. रामदास कला संस्थान के बच्चों ने गणेश स्तुति की प्रस्तुति दी, फिर पं. हरिहरेश्वर पोद्दार के निर्देशन में सर्वोत्तम संगीत और नृत्य अकादमी के कलाकारों द्वारा ‘प्रश्न-उत्तर वाहिनी के’ विषय पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई।  इसके बाद विकास चौहान के निर्देशन में वेद, नाट्य संस्थान द्वारा माँ क्षिप्रा महात्म्य की अनछूही गाथा ‘ अमृतमय अवंतिका’ विषय पर लाईट एण्ड साउण्ड नाट्य की प्रस्तुति दी गई।  

कार्यक्रम का द्वितीय सत्र आज

समागम सत्र का द्वितीय सत्र रविवार 27 अगस्त को प्रात: 11 बजे आयोजित किया जाएगा। इसमें मोक्षदायिनी माँ क्षिप्रा कल, आज और कल विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात समापन सत्र रविवार को शाम 6.30 बजे आयोजित होगा।  जिसमें संस्थान के कलाकारों द्वारा नृत्य आराधना प्रस्तुत की जाएगी।

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