संभागायुक्त से गंदे पानी से बनने वाले बर्फ पर पाबंदी लगाने की मांग

गंदे पानी से बनने वाले बर्फ

उज्जैन। समूचे संभाग में गंदे पानी से बनने वाले बर्फ पर पाबंदी लगाने एवं खाद्य विभाग के तहत कार्यवाही की मांग को लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा और मध्य प्रदेश युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मनीषसिंह चौहान के नेतृत्व में संभागायुक्त से मिला तथा मांग की कि गंदे पानी से बनने वाले बर्फ की फैक्ट्री में कार्रवाई की जाना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल ने इसके पूर्व 12 मार्च को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। 
मनीषसिंह चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन को समूचे जिले में गंदे पानी से जो बर्फ का निर्माण हो रहा है उस पर प्रभावी पाबंदी की मांग की थी लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। फलस्वरूप गंदे पानीसे बनी बर्फ धड़ल्ले से बाजार में बिक रही है जो स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है। गन्ने के रस, चुस्की, झम्मक लड्डू, मीठे रंगीन शर्बत पेय पदार्थ में मिलाकर विक्रीत किया जा रहा है। आगामी माह में शादियों की भरमार रहेगी एवं अधिक गर्मी होने से आम जन बर्फ का उपयोग करेगी। चौहान ने बताया कि 90 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य के लिए उक्त बर्फ हानिकारक होकर सीधे जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है।  प्रतिनिधिमंडल में शामिल मनीष सिंह चौहान, हरि माली, कृष्णा मालवीय, सोनू यादव, विकास गोयल ने संभागायुक्त से मांग की कि ऐसे बर्फ पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाए।