दशहरे पर निकलने वाली महाकाल की सवारी लौटते समय इंदौरगेट से लाने की मांग व्यापारियों ने की पत्रकारवार्ता, कलेक्टर को देंगे ज्ञापन

दशहरे पर निकलने वाली महाकाल की सवारी लौटते समय इंदौरगेट से लाने की मांग व्यापारियों ने की पत्रकारवार्ता, कलेक्टर को देंगे ज्ञापन

उज्जैन। विजयादशमी पर दशहरा मैदान पर हर वर्ष बाबा महाकाल की पालकी जाती है और लौटते समय भी इसी रूट से मंदिर पहुंचती है। जिसे बदलने की मांग इंदौर गेट के व्यापारियों ने की है।
सिटी प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए इंदौर गेट व्यापारी एसोसिएशन के संयोजक गोपाल यादव, संरक्षक कन्हैयालाल पहलवान नकुम एवं सचिव गोपाल खत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से दशहरे की यह पालकी इंदौरगेट से निकालने की मांग की जा रही है और हर बार आश्वासन दिया जाता है। यदि लोटते समय पालकी चामुंडा माता, देवासगेट, इंदौरगेट, दौलतगंज, नईसड़क होते हुए निकले तो अधिक नगरवासी दर्शन का लाभ ले पाएंगे और अच्छा धार्मिक माहौल भी बनेगा। आपने कहा कि मंदिर समिति की बैठक में भी पिछले दिनों यह मामला उठाया था तथा वरिष्ठ इंका नेताओं से चर्चा हुई है कलेक्टर को भी इससे अवगत गरा दिया गया है।