गिर गाय और मुर्रा भैस ने जीते 50-50 हजार

Fallen Cow and Murrah Bhase win 50-50 thousand
उज्जैन। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गिर गाय और मुर्रा भैस ने 50-50 हजार जीते। जिले से 347 प्राप्त आवेदनों में से प्रथम दस गाय एवं 10 भैंसो के अधिकतम दुग्ध उत्पादन के आधार पर पशुपालकों को पुरस्कृत किया गया। जिनमें 16 लीटर दुध देने वाली गाय तथा 17.789 लीटर देने वाली मुर्रा भैस प्रथम रही। 
म.प्र. शासन पशुपालन विभाग की गौवंश एवं भैंस वंश को संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोपाल पुरस्कार योजना का क्रियान्वयन 2012 से किया जा रहा है। इस वर्ष खंड राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 10 नवंबर से 17 नवंबर तक किया गया तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 26 नवंबर से 27 नवंबर को सोहम आश्रम पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आईएएस आशीष सागवान एवं जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति के अध्यक्ष किशोर शर्मा द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गये। गौवंश में 16 लीटर दुग्ध उत्पादन के साथ मेहरबानसिंह बहादुरसिंह की गाय प्रथम, 15.71 लीटर दूध देकर दौलतसिंह तेजराम डोडिया की द्वितीय, एवं 13.40 लीटर के साथ अनिल भागीरथ खाचरौद की तृतीय स्थान पर रही। वहीं भैसों में जितेन्द्र रामसिंह महुड़ी की मुर्रा भैस ने 17.789 लीटर देकर प्रथम, 17.691 लीटर दुग्ध देकर रामचंद्र नंदाजी द्वितीय, एवं 16.988 लीटर दूध के साथ लुकमान हाजी लियाकत नजरपुर की भैस को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। अतिथियों द्वारा योजना की सराहना करते हुए उपस्थित पशुपालकों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने एवं उन्नत तकनीकी का उपयोग करने का आव्हान किया गया एवं जिले को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाने की अपील की गई। किशोर शर्मा ने विकासखंड महिदपुर से पुरस्कृत किये पशुपालकों को बधाई दी। आशीष सागवान ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश को हरियाणा एवं पंजाब से भी आगे ले जाने की बात कही। अतिथियों का स्वागत उपसंचालक डॉ. एच.व्ही. त्रिवेदी ने किया एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। समापन कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सोहम आश्रम के गुरू प्रज्ञानंद, राजेन्द्र मेहता, रजनीकांत बाकलिया, रवि सोलंकी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित थे। पशुपालन विभाग के डॉ. डी.एस. बघेल, डॉ. व्ही.के. बर्वे, डॉ. मुकेष जैन, डॉ. यू.एस. माहोर, डॉ. एम.एस. पवैया, डॉ. भूपेन्द्र पाटीदार, डॉ. एम.एल. जारोलिया, के.सी. चौहान, एस.के. पाठक, योगेश शास्त्री, रिकेश वर्मा, आर.के. कलमोदिया, नवीन मरमट, गगनकुमार मुंशी, कमल सांखला, अब्दुल वहाब, अजगर खान, मदन सोलंकी, पंकज प्रजापत आदि का सराहनीय सहयोग रहा। संचालन नोडल अधिकारी डॉ. जी.जी. गोस्वामी ने किया।

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