डेढ़ महीने हुए हत्या को, अब तक पुलिस के हाथ खाली पुलिस पर लगाया निष्क्रियता का आरोप

Half months of murder, so far police hands planted on the vacant police accused of inaction
डेढ़ महीने हुए हत्या को, अब तक पुलिस के हाथ खाली
पुलिस पर लगाया निष्क्रियता का आरोप-कंट्रोल रूम का घेराव कर ठोस कार्रवाई की मांग
उज्जैन। डेढ़ महीने बाद भी नागदा में हुए बर्बर हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में हिंदू जागरण मंच के प्रांत उपाध्यक्ष भेरूलाल टांक के नेतृत्व में समस्त हिंदू संगठनों ने कंट्रोल रूम का घेराव किया। यहां एसपी के समक्ष पुलिस की निष्क्रिय कार्यप्रणाली को उजागर करते हुए कहा कि पुलिस का खौफ खत्म होने से नागदा में अपराधियों के हौंसले बुलंद हो गये हैं।
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक जैन चायवाला ने बताया कि 10 जून को नागदा में नितेश चौहान की निर्मम हत्या की गई थी। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई। जब भी नागदा थाना पुलिस से मामले की जानकारी ली गई तो उन्होंने दो दिन में मामला सुलझाने की बात कही लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। जिससे नाराज रहवासी भेरूलाल टांक के नेतृत्व में नागदा से उज्जैन पहुंचे तथा रेलवे स्टेशन से कंट्रोल रूम तक नितेश चौहान के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए पहुंचे। यहां विहिप के विभाग मंत्री विनोद शर्मा, अशोक जैन चायवाला, रामचंद्र चौधरी, तारासिंह, नेपालसिंह डोडिया, जगदीश धाकड़, सूरज सेन, रूपेश ठाकुर, अर्जुनसिंह भदौरिया ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस अधीक्षक से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। एसपी ने भी मामले में पुलिस द्वारा पूरी ईमानदारी से कार्य कर जल्द हत्याकांड का खुलासा करने की बात कही।
भारतीय संस्कृति का किया अपमान, 3 महीने बाद भी कार्रवाई नहीं
झिरन्या निवासी रूवाबउद्दीन शेख द्वारा फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी डाली गई थी जिसमें भारतीय संस्कृति और संपूर्ण महिला जगत का अपमान किया गया था। इस मामले में 12 अप्रैल 2018 को सूरज सेन निवासी उज्जैन ने एक लिखित शिकायत एसपी को की थी लेकिन कोई कदम नहीं उठाया परिणाम स्वरूप अपराधी के हौसले बुलंद हुए। ज्ञापन देकर एसपी से मांग की कि पूर्व शिकायत पर गौर करते हुए मामले को उजागर कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 3 दिनों में सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए तो फरियादी न्यायालय की शरण लेंगे।