नगर निगम द्वारा दी जाने वाली छूट

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 उज्जैन| नेशनल लोक अदालत में नगर निगम द्वारा सम्पत्ति कर के ऐसे प्रकरण, जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में शत-प्रतिशत छूट दी जायेगी।  इसके अलावा जल कर के ऐसे प्रकरण, जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में शत-प्रतिशत, सम्पत्ति कर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार राशि 50 हजार रूपये से अधिक व 01 लाख रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत, जल कर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपये से अधिक व 50 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत, सम्पत्ति कर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 01 लाख रूपये से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 प्रतिशत और जल कर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये से अधिक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी।

ज्ञात रहे कि यह छूट मात्र एक बार ही दी जायेगी। उक्त छूट वित्तीय वर्ष 2016-17 तक की बकाया राशि पर ही देय होगी। छूट के उपरान्त राशि अधिकतम 02 किश्तों में जमा कराई जायेगी, जिनमें से कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा कराई जाना अनिवार्य होगी। उक्त छूट 9 सितम्बर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिये ही मान्य होगी।

विद्युत विभाग द्वारा प्रदाय की जाने वाली छूट

नेशनल लोक अदालत में विद्युत विभाग द्वारा लम्बित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 05 किलोवॉट भार तक के गैर-घरेलू तथा 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक 06 माही चक्रवृद्धि कर के अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि का शत-प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

इसके अतिरिक्त लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक 06 माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर शत-प्रतिशत की छूट दी जायेगी।

छूट की शर्तें

आवेदक को निर्धारित छूट के उपरान्त शेष देयक आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरूद्ध बकाया राशि का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।

गौरतलब है कि नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जायेगी। विद्युत चोरी तथा अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की अदालत में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता इस बार की अदालत में छूट प्राप्त करने का अधिकारी नहीं होगा। सामान्य विद्युत देयकों के विरूद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जायेगी। समस्त आमजन से अपील की गई है कि उक्त नेशनल लोक अदालत में कई वर्षों से न्यायालयों, विभागों में लम्बित अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामा के आधार पर निराकरण करवा कर लाभ लें।

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