एक शाम महाकाल के नाम में जबलपुर के गायकों ने दी सुरीली प्रस्तुति

One evening, in the name of Mahakal, the singers of Jabalpur performed the concubine
संगीत को पारिवारिक बनाया जाना चाहिए- श्रीवास्तव
उज्जैन। संगीत को पारिवारिक बनाने के लिए संकल्पित होकर वाइस आॉफ प्रज्ञा अभियान प्रारंभ किया गया है। फूहड़ता से दूर कर्णप्रिय सरसता से सराबोर गायन-वादन को प्रचलित करने के लिए प्रदेश व्यापी प्रवास पर हम अपनी टोली के साथ निकले हैं। भगवान महाकालेश्वर के आशीर्वाद और महाकाल की नगरी के भक्तों के स्नेह के साथ हम अपने संकल्प को पूरा कर सकेंगे यह विश्वास यहां से लेकर जा रहे हैं।
यह उदगार वाइस ऑफ प्रज्ञा जबलपुर संयोजक गोविंद श्रीवास्तव ने गायत्री शक्तिपीठ पर व्यक्त किए। आप अपनी नौ सदस्यीय संगीत टोली के साथ एक शाम महाकाल के नाम भजन संध्या के पूर्व वाइस आॉफ प्रज्ञा संगीत प्रतियोगिता के बारे में पूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे थे। प्रचार-प्रसार सेवक देवेन्द्र श्रीवास्तव के अनुसार संगीत के सुरसाधकों की टोली में जबलपुर क्षेत्र की प्रतियोगिता में विजेता गायक नयन सोनी, भास्कर तिवारी, सजल सोनी, अभिषेक शर्मा, वादकश्री दिनकर विश्वकर्मा, विजय वर्मा, भैयाराम पटेल तथा स्थानीय वाद मनोज शर्मा शामिल थे। भजन संध्या के पूर्व रश्मि शर्मा और संध्या पुरोहित ने तिलक एवं रक्षा सूत्र बाँधकर कलाकारों का पारम्परिक स्वागत किया। राग भैरवी में मातृवंदना से भजन संध्या का शुभारंभ गायक भास्कर तिवारी ने किया। गुरुवंदना, महाकाल अभ्यर्थना तरूणाई ललकार के ओजस्वी गीतों ने श्रोताओं को हाथ खोलकर तालियां बजाने के लिए मजबूर किया। मुख्य अतिथि संयुक्त उपायुक्त प्रतीक सोनवलकर ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। उपक्षोन समन्वयक महाकालेश्वर श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।

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