माँ के लिए बेटा कभी बड़ा नहीं होता : मृदुलजी

Son never gets bigger for mother: Mridulji

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं सजीव चित्रण देख झूम उठे भक्त
कान्हा को छप्पन भोग लगाए, नृत्य से कान्हा ही नहीं बाबा महाकाल भी रीझ जाते हैं
उज्जैन। माँ के लिए बच्चा कभी बड़ा नहीं होता, बेटा पचास वर्ष का भी हो जाए परन्तु फिर भी माँ उसे बचपन के नाम से ही पुकारती है। यह परम्परा आज भी जारी है। बच्चों को भी माँ द्वारा दिया गया बचपन का नाम सबसे प्रिय लगता है।
दशहरा मैदान इन दिनों कृष्ण-शिव भक्ति का साक्षी बन रहा है। पूज्यपाद आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्णजी के मुखारविंद से जारी भागवत कथा के पाँचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन चोरी, गिरिराज पूजन व छप्पन भोग महोत्सव का सजीव चित्रण देख उपस्थित श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा के दौरान आचार्य जी द्वारा अपनी सुमधुर वाणी व कर्ण प्रिय संगीत से सुसज्जित भजनों की स्वर लहरियों ने काल (समय) को भी थाम लिया। आज मेरे अंगना पे आओ नंदलाल-आओ गोपाल, छोटी-छोटी गय्या, छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल भजनों पर श्रोतागण झूम उठे। आचार्यश्री ने कहा कि श्रीकृष्ण माखन ही नहीं चुराते थे, गोपियों के वस्त्र भी चुरा लेते थे, नवनीत चोर को पकड़ लोगे तो वो तुम्हारे जन्म-जन्मान्तरों के पाप को भी चुरा लेंगे।
छप्पन भोग के आयोजन- महती भूमिका रही हेमंत जोहरी, विष्णु कोयल, विजय शर्मा, सोनू फुलवानी, तुषार पंवार आदि ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कथा की पूर्णाहुति पर भागवतजी की आरती संघ के संगठन मंत्री प्रदीप जोशी, श्याम बंसल, सत्यनारायण जायसवाल, अनिल जैन, विशाल हाड़ा, राजेश जोशी, देवेन्द्र पुरोहित, विक्रमसिंह जाट, रमेश दास, सचिन गोयल, अनिल तिवारी, शैलेष व्यास, निलेश शर्मा, संदीप मेहता, शैलेन्द्र कुल्मी, निरुक्त भार्गव, राजेश कुल्मी, आनंद निगम, अजय पटवा, निलेश पगारे, सुनील मगरिया, धीरज बम, सुदर्शन सोनी, भूपेन्द्र भूतड़ा सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं पत्रकारों ने आचार्यश्री का स्वागत किया एवं आरती में भाग लिया। 30 दिसम्बर को महारस कथा श्रीकृष्ण मथुरा गमन एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव का कार्यक्रम होगा। कथा का आयोजन कथा के मुख्य यजमान श्री भागवत मिशन परिवार, भोपाल के अशोक चतुर्वेदी, अजय श्रीवास्तव, सर्वेश त्रिपाठी, आर.डी. तिवारी एवं राकेश अग्रवाल ने धर्मप्राण जनता से कथा श्रवण लाभ लेने का अनुरोध किया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रवक्ता राजेश करे ने दी।

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