VIDEO-बच्चों के लिए स्वाइन फ्लू की दवाई नही !

Swine flu medicine for children!

प्रवीण नागर   ( माय सिटी न्यूज़ )                                                                               

स्वास्थ्य विभाग जान लेवा बीमारी की दवाई मंगाना भुला, कैमरे के सामने सीएमएचओ ने बात करने से किया इनकार*  

उज्जैन । स्वाइन फ्लू को जिले में दस्तक दिए एक माह से ज्यादा हो गया है। अब तक 32 से ज्यादा मरीज सामने भी आ चुके हैं परंतु स्थानीय स्वास्थ्य विभाग दूध मुंहे बच्चों के लिए स्वाइन फ्लू की दवाई टेमी फ्लू सिरप मंगाना भूल गया। जबकि सोमवार को एक साल के बच्चे की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। मामले में जब उज्जैन सीएमएचओ डॉ. विनोद गुप्ता से माय सिटी न्यूज़ ने बात की तो वे चुप्पी साध गए और कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नही हुए।

स्वाइन फ्लू जैसी घातक बीमारी को लेकर भी विभाग के आला अधिकारियों की नींद अब तक नही खुली है। जबकि जिले भर में अमले को जहां जहां भी स्वाइन फ्लू के मरीज मीले है। उन गांवों में बच्चों और बड़ो को दवाई पिलाने के निर्देश मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने दे रखे हैं। इसके लिए जरूरत अनुसार दवाई मंगाने के भी निर्देश है, परंतु स्थानीय विभाग के लापरवाह और कुर्सियां खा रहे आला अधिकारियों ने बच्चों के बारे में सोंचा भी नही।  

सोमवार को जंहागीरपुर निवासी एक साल का बच्चा स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया । जिसे ठीक से और मूल दवाओं का डोस नही मिल पा रहा है। अब विभाग लापरवाही पर पर्दा डालते हुए बड़ो को दी जाने वाली गोली के टुकड़े पीस कर शहद में दिलवा कर उपचार कर रहा है। ऐसे में अगर बच्चे  का उपचार ठीक से नही हो पाता है तो विभाग की यह लापरवाही उसके लिए जान लेवा साबित हो सकती है। वहीं जिले भर से स्वाइन फ्लू के 32 मरीज विभिन्न गांवों से सामने आ चुके हैं, इन गांवों में भी मरीज के क्षेत्र में आने वाले दूध मुंहे बच्चों को टेमी फ्लू का सिरप नही पिलवाया गया। इससे बच्चों में घातक बीमारी के प्रकोप बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।                

इस बारे में जब जिला स्वास्थ्य अभिकारी डॉ. विनोद गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गोलियों पीस कर अंदाज से बच्चों को दिलवाई जा रही है। हम बच्चे का उपचार कर रहे हैं, कुछ कारण रहे कि हम दवाई नही मंगा सके।

जब उनसे मामले में बाइट ( कैमर के सामने) लेना चाही तो उन्होंने माना कर दिया। इससे साफ है कि अधिकारी इस घोर और जानलेवा लापवाही को कैमरे के सामने नही बताना चाहते। जिससे वे कन्नी काटते नज़र आये, और शासकीय वाहन में बैठकर चल दिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

CAPTCHA