पटाखों से हो सकता है आंखों को नुकसान डॉ. एरन से खास बात 

Talking with Fireworks is a special thing for Dr. Aron

रौशनी के त्योहार पर बचाएं आपकी रौशनी (आंख)

उज्जैन। दीपावली का त्योहार हिंदु धर्म का सबसे प्रमुख पर्व है। इस त्योहार का इंतजार सभी को सालभर रहता है, खासकर बच्चों को। इस त्योहार की मान्यता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह त्योहार हर्षोल्लास से भरा होता है। सभी चीजें अच्छी होने के बाद भी इस त्योहार में जो गलत है वो ये कि लोग जानने के बाद भी पटाखों और फायर क्रेकर्स का इस्तेमाल करते हैं जिनमें मौजूद बारुद और रसायन ना केवल वातावरण को प्रदूषित करते हैं बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी नुकसान दायक होते हैं। पटाखों से होने वाले प्रदूषण का प्रभाव आपकी आंखों पर भी पड़ता है। आंखें हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। कहते हैं कि आंखे ही हमे जिंदगी के सारे रंग दिखाती है। ऐसे में इनकी सुरक्षा भी खास करनी पड़ती है।
पटाखे बनाने के लिए कई तरह के केमिकल का उपयोग होता है। जैसे कि कैडियम, लेड, मैग्नेशियम, सोडियम, जिंक, नाइट्रेट और नाइट्राइट जो कि सेहत के लिये बहुत ही नुकसान दायक होते हैं।
इन कैमिकल्स से तैयार हुए पटाखों की ध्वनि 125 डेसिबल से ज्यादा होती है, जो कि किसी व्यक्ति को आसानी से बहरा और पटाखों की तेज रौशनी अंधा बना सकती है। आपको बता दें कि आम दिनों में शोर का स्केल दिन में 55 और रात में 45 डेसिबल के आसपास होता है। वहीं दीवाली वाले दिन ये स्तर 70 से 90 डेसिबल तक पहुंच जाता है। जो कान के पर्दे फाडऩे और बहरा करने के लिए काफी है।
पटाखों से निकलने वाली चिंगारी और प्रकाश आंखों के साथ चेहरे को भी डैमेज करने के लिये काफी होती है। अनार की रोशनी वेल्डिंग करते वक्त निकलने वाली रोशनी की जितनी ब्राइट होती है। इसके संपर्क में आंख के आने पर पर्दा जल सकता है।
पटाखों से होने वाले नुकसान को लेकर mysitinews.com ने शहर के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. ऐरन से बात की जिन्होंने बताया कि  दीपावली पर अगर आप अपनी आंखों को किसी इंफेक्शन की चपेट में नहीं देखना चाहते हैं तो बेहतर है कि कुछ सावधानी बरते।
समय-समय पर आँखों को पानी से धोएं
दिवाली के समय हवा में जहरीली गैसे मौजूद होती है जिनमें मौजूद पार्टिकल्स आंखों के कॉर्नियां को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे बचने के लिए पानी एक बेहतर विकल्प है। आंखों को इन गैसों के प्रभाव से बचाने के लिए पानी से आँखों को समय-समय पर धोते रहें।
आई ड्रॉप साथ में रखें
प्रदूषण के कारण दूषित धूल के कण हमारी आँखों में चले जाती है और इसके कारण कई समस्याएं जैसे एलर्जी, ग्लैंड्स के अंदर स्राव, जलन, सूखी आँखें, लाल आँखें, आंखों में दर्द आदि हो सकती है। इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए आई ड्रॉप एक समाधान है। पटाखे चलाते वक्त आंखों पर स्पेक्टेकल्स या गोगल्स जरुर पहनें।
कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं तो…
अगर आप कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं तो दिवाली सेलिब्रेट करते वक्त खासतौर पर फायरवर्क्स का इस्तेमाल करते समय इन्हें उतार दें और साधारण चश्मे पहनें। इससे आपकी आंखें इरिटेशन से बच जाएंगी। साथ ही पटाखों से एक हाथ की दूरी बनाकर रखें।
बच्चों की आंखों की देखभाल
बच्चों की आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं इसलिए माता-पिता को अधिक सावधान रहना चाहिए और इस बात का ध्यान रखें कि बच्चों की आँखों को ठंडे पानी से धोएं। बच्चों को धूल वाली जगह से दूर रखें। इसके अलावा, अगर आंखों में खुजली हो रही है, तो उसे रगड़े नहीं क्योंकि इससे खुजली बढ़ जाएगी और संक्रमण की संभावना हो सकती हैं।

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