शिक्षकों ने दिया सामूहिक त्यागपत्र

शिक्षकों ने दिया सामूहिक त्यागपत्र

विक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने दिया सामूहिक त्यागपत्र
शिक्षकों के अधिकारों की लगातार हो रही अवहेलना, विक्रम विश्वविद्यालय के उदासीन रवैये से व्यथित होकर लिया निर्णय-शुक्रवार को धरने पर भी बैठे थे
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय के घोर उदासीन रवैये एवं शिक्षकों के अधिकारों की निरंतर हो रही अवहेलना एवं असहयोग से व्यथित होकर समस्त शिक्षकों ने शुक्रवार को सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे दिया। शुक्रवार को शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया था लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उक्त कड़ा निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष कनिया मेड़ा के अनुसार अनेकों निवेदनों, पत्रों, चर्चाओं एवं झूठे आश्वासनों के उपरांत भी शिक्षकों की पदोन्नति की मांग पूरी नहीं किये जाने के कारण समस्त शिक्षकों द्वारा अपने शैक्षणिक दायित्वों के अतिरिक्त प्रभारों से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र प्रस्तुत किया है। मेड़ा ने कहा कि उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए हमारी मांगों को गंभीरतापूर्वक लेकर एवं 30 अक्टूबर 2019 तक समस्त शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि उचित प्रशासनिक निर्णय की समिति में समस्त जवाबदारी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जवाबदार रहेगा।
इन्होंने दिये त्यागपत्र
अपने शैक्षणिक दायित्वों के अतिरिक्त समस्त प्रभार से डॉ. संग्राम भूषण, डॉ. सत्येन्द्र किशोर मिश्रा, डॉ. मेघा पांडेय, डॉ. ज्योति उपाध्याय, डॉ. सचिन राय, डॉ. प्रीति दास, डॉ. नयनतारा डामोर, डॉ. मनु गौरहा, डॉ. राजू बोरिया, डॉ. कनिया मेड़ा, डॉ. विश्वजीतसिंह परमार, डॉ. राजेश टेलर, डॉ. निश्छल यादव, डॉ. वीरेन्द्र चावरे, डॉ. धर्मेन्द्र मेहता, डॉ. सुधीरकुमार जैन, डॉ. उमेशकुमारसिंह, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. गणपत अहिरवार, डॉ. बालकृष्ण आंजना, डॉ. कमलेश दशोरा, डॉ. दर्शन दुबे, डॉ. सलिल सिंह, कमल बुनकर, डॉ. नलीनसिंह पंवार, डॉ. आर.शास्त्री मुसलगांवकर, डॉ. आर.के. माहेश्वरी, डॉ. अनिलकुमार जैन, डॉ. अंजना पांडेय, डॉ. अंजली श्रीवास्तव, डॉ. कामरान सुल्तान ने त्यागपत्र दिए।