दान राशि में हेर-फेर करने पर पुजारी एवं उनके प्रतिनिधी को जप्त राशि 50 प्रतिशत जुर्माना कर किया बहाल

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दान राशि में हेर-फेर करने पर पुजारी एवं 
उनके प्रतिनिधी को जप्त राशि 50 प्रतिशत जुर्माना कर किया बहाल
 उज्जैन।  महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्ध समिति के कर्मचारी से मिली सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए मंदिर प्रशासक एवं संयुक्त कलेक्टर श्री एस.एस.रावत के आदेश पर जाॅच करते हुए मंदिर समिति के सहायक प्रशासक श्री सतीश व्यास ने पुजारी दिनेश शर्मा के मामले में जाॅच पूरी करते हुए अपना प्रतिवेदन प्रशासक श्री रावत को सौपा था। जिसमें पुजारी दिनेश शर्मा के विरूद्ध लगे आरोपों को अशंतः सही माना है तथा कथनों का परीक्षण एवं विडियों फुटेंज का अवलोकन करने से पुजारी दिनेश शर्मा की लापरवाही सिद्ध हुई है।
उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर मन्दिर अधिनियम 1982 की धारा (2) (दो) के तहत मंदिर की प्रतिष्ठा का अल्पीकरण करने के कारण पुजारी दिनेश शर्मा के विरूद्ध जप्त दान राशि का 50 गुना जुर्माना लगाया गया है तथ एवं भविष्य में अच्छे आचरण के लिए सचेत किया जाकर 7 दिन के में जुर्माना राशि मंदिर की कैश शाखा में जमा कराने के आदेश दिये जाकर प्रकरण समाप्त किया गया।
गौरतलब हैं कि, श्री महाकालेश्वर मंदिर में 24 मई को मंदिर के कंट्रोल रूम में कार्यरत कर्मचारी शिव सक्सैना को एक गुजराती महिला ने आकर पैकेट दिया। पैकेट में राशि दिखाई देने पर श्री सक्सैना द्वारा प्रशासक को अवगत कराया गया। इसी दौरान नयन शर्मा जो कि,  दिनेश शर्मा पुजारी का अनाधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहा है द्वारा नंदीहाॅल से अपना थैला गुमने संबंधी जानकारी देकर सी.सी. टी.व्ही. फूटेज देखने का आग्रह किया गया। विडियो फूटेज देखने पर ज्ञात हुआ कि, श्रद्धालुओं द्वारा डलिया में रखे जाने वाली दान राशि को नयन शर्मा द्वारा अपनी प्रसाद थैली में  दिनेश पुजारी के समक्ष रखा गया एवं प्रसाद की थैली को एक अन्य थैली में रखा गया। थोडी दरे पश्चात  दिनेश पुजारी द्वारा डलिया से कुछ राशि निकालकर लाईन चालक  सुमन ठाकुर को दिये गये। उसके बाद सुमन ठाकुर द्वारा उक्त प्रसाद के पैकेट जिसमें दान की राशि नयन शर्मा द्वारा रखी गई थी को एक महिला श्रद्धालु को प्रसाद समझकर दी गई। उक्त महिला श्रद्धालु द्वारा पैकेट कंट्रोल रूम में  सक्सैना को जमा कराया गया। इस मामाले में प्रशासक श्री रावत ने जप्त की गयी राशि की गणना करवायी, जिसमें 320 रूपये पाये गये।
इस संपूर्ण विडियो से यह स्पष्ट है कि, पुजारी के रूप में  दिनेश शर्मा पुजारी की ड्यूटी थी, उनके सहयोग हेतु मंदिर समिति द्वारा दो प्रतिनिधि रमण त्रिवेदी एवं संदीप शर्मा पदस्थ किये गये है। जिस नयन शर्मा ने राशि डलिया से निकालकर पैकेट में डाली वह न तो मंदिर का पुजारी है और न ही किसी पुजारी का प्रतिनिधि है।

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