व्यंग्य के नमकीन, हास्य की मिठास थे, एक मेव-एक मेव ओम व्यास थे

The satir of satire, the sweetness of humor, was a meh-a meow ohm diameter
उज्जैन। उज्जयिनी को देश विदेश में अपनी विलक्षण हास्य प्रतिभा से नवीन पहचान प्रदान करने वाले हास्याचार्य पं. ओम व्यास ओम की 56वीं जयंती हंसी ठहाकों के बीच मनाई गई।
ओम हास्याय नमः संस्था द्वारा फूड झोन स्थित पं. ओम व्यास ओम के स्मारक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मालवी मिठास एवं हिंदी की पुरानी पीढ़ी के गीतकार कवि मोहन सोनी को पं. ओम व्यास ओम स्मृति में स्थापित प्रथम हंसी खुशी अलंकरण से सम्मानित किया गया। अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में दादा मोहन सोनी ने ओमजी की स्मृतियों से जुड़े हास्य व्यंग्य के अनूठे प्रसंगों से ओम प्रेमियों को भाव विभोर किया। पत्नी पर आधारित प्रसिध्द रचना ‘क्यों तू पाछे कदी आयेगी’ से ठहाकों की बौछार करवाई। मोहन सोनी ने कहा कि यदि वे सरकार में होते तो शादी के तुरंत बाद पत्नी के पीहर जाने की प्रथा को बंद करा देते।
नाथ द्वारा राजस्थान के कवि लोकेष महाकाली ने ओम व्यास के लिए कहा कि वे व्यंग्य के नमकीन हास्य की  मिठास थे, वे एकमेव-एकमेव ओम व्यास थे। लोकेश महाकाली ने अपनी प्रसिध्द रचना जो देश के ख्यात नाम कवियों एवं हस्तियों की हूबहू नकल कर हास्य रसिकों को आनंदित किया। बासवाड़ा के कवि दीपक पारीख ने हास्य के इंजेक्शन एवं व्यंग्य के सिलाईन से ठहाकों की गोलियां चलवाई। कार्यक्रम के सूत्रधार स्वामी मुस्कुराके थे। कवि सम्मेलन का संचालन अशोक भाटी ने किया। आभार व्यंग्यकार मुकेश जोशी ने माना। अतिथि सम्मान स्वस्थ संसार परिवार के संरक्षक प्रेमसिंह यादव, लायंस क्लब गवर्नर रवि पाठक, पार्षद मुजफ्फर हुसैन, सुरेन्द्र मालवीय, संजय, ओजस, तेजस व्यास, अजीत पोरवाल ने किया। कवि सुरेन्द्र सर्किट, दौलतसिंह दरबार, राहुल शर्मा, केदार बंसल, सुगनचंद्र जैन ने हास्य कविताओं से गुदगुदाया। स्मरण अवसर पर काजू बांटने की योजना थी पर जीएसटी के कारण मालवा का प्रसिध्द प्रसाद चने चिरौंजी सबको बांटा गया। अंत में महाकाली, कंठाल, लंकेश, लालू के अंदाज में ठहाके लगवाये गये।

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