हरी जर्सी पहनकर हार क्यों जाती है कोहली ब्रिगेट, देखे आंकड़े |

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जालन्धर | बेंगलुरु में राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए टी-20 मैच में कोहली की कप्तान वाली बेंगलुरु टीम को 19 रन से हार झेलनी पड़ी। हार के कारण खंगालते हुए सोशल साइट्स पर क्रिकेट फैंस ने जमकर मजे लिए। एक ने लिखा- टीम बेंगलुरु जब भी हरी जर्सी में मैच खेलती है। ज्यादातर हारती ही है। इसे साबित करने के लिए फैंस ने कुछ आंकड़ें भी डाले जो रोचक थे।

सिर्फ दो बार जीते, पांच बार हारी है आरसीबी

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आंकड़ों अनुसार आरसीबी ने पहली बार 2011 में कोच्चि टस्कर्स केरला के खिलाफ हुए मैदान में यह वर्दी डाली थी हालांकि पहले दो मैचों में उन्हें जीत मिली थी। लेकिन इसके बाद 2012 में मुंबई इंडियंस, 2013 में पंजाब किग्स इलैवन और 2014 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेले मैच में वह जीत नहीं पाए। 2015 में जब दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ खेलने के लिए उतरे तो वह मैच ड्रा हो गया। इसके बाद 2016 में गुजरात लाइन के खिलाफ हालांकि उन्होंने मैच जीता लेकिन उसके बाद 2017 में कोलकाता नाइट राइडर्स और अब 2018 में राजस्थान रॉयल्स के हाथों हार झेलनी पड़ीं। इस तरह आरसी ने कुल सात गेम में यह जर्सी पहनी। इनमें से उन्हें सिर्फ दो मौकों पर ही जीत नसीब हुई।

इसलिए हरी जर्सी पहनती है आरसीबी
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दरअसल आरसीबी के पहले मालिक विजय माल्या ने इसकी शुरुआत की थी। इसके तहत गो ग्रीन मुहिम को मोटिवेट करने के लिए यह प्रथा शुरू की गई थी। हालांकि हरी जर्सी तब ही पहनी जाती है जब मैच शाम चार बजे शुरू होना हो। इस दौरान आरसीबी के कप्तान द्वारा विरोधी टीम के कप्तान को छोटा पौधा भी रोपण के लिए दिया जाता है। इसके अलावा आरसीबी के प्लेयर्स की जर्सी पर उनके नाम की बजाय ट्विटर अकाउंट वाली आईडी लगाई जाती है।