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मामला माधव नगर अस्पताल का आज 30-40 महिला सफाई कर्मियो ने कोठी पहुंचकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कोरोना के समय माधव नगर अस्पताल में सफाई का काम करने वाली महिलाओं को नहीं मिला वेतन

उज्जैन। कोरोना काल में 60-70 महिला, पुरुष को माधव नगर अस्पताल मैं सफाई व्यवस्था संभालने के लिए सफाई कर्मी के रूप में अस्थाई तौर पर रखा गया था। इनमें कुछ पुराने कर्मचारी भी थे। इन्हें इस शर्त पर रखा गया था कि 6000 ठेकेदार की तरफ से व कलेक्ट्रेट रेट मिलाकर वेतन दिया जाएगा। कोरोना से डरे बगैर इन्होंने अपनी पूरी इमानदारी से अस्पताल की सफाई का कार्य किया। खास बात यह है कि इतनी ईमानदारी से कार्य करने के बाद भी इन सफाई कर्मियों को जब से यह नौकरी कर रहे हैं। तब से लेकर अभी तक इन्हें ठेकेदार संजय अग्रवाल द्वारा वेतन नहीं दिया गया है। जब कुछ सफाई कर्मियों ने अपनी मजबूरी बताई तो ठेकेदार ने उन्हें 2-3 हजार रुपए देकर रवाना कर दिया। कर्मचारी दिलीप नागर ने बताया कि हमें नौकरी पर रखने से पहले यह कहा गया था कि उन्हें वेतन के साथ-साथ रोज अस्पताल से भोजन भी दिया जाएगा तथा हर माह की तनख्वाह उनके अकाउंट में आएगी। इसके अलावा 50 लाख रुपए का बीमा भी अस्पताल की तरफ से किया जाएगा।उस समय तो हमको झांसा देकर नौकरी पर रख लिया और काम करवा लिया। अब वेतन देने की बारी आई तो मुकर रहे हैं। महिला कर्मचारी मनीषा राठोर का कहना था कि 20 मई से हम नौकरी पर लगे थे। तब से अभी तक वेतन के रूप में कुछ नहीं मिला है। इस कारण सभी सफाई कर्मियों में रोष छाया हुआ है तथा सभी एकत्रित होकर आज कोठी स्थित कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचे है लेकिन कलेक्टर नहीं मिले तो एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है और उनसे हमारी समस्या दूर करने का आग्रह किया गया है।

बगैर सुरक्षा सामग्री के कोरोना मैं किया अस्पताल का कार्य

इन महिला सफाई कर्मियों को सुनीता चौहान ने अस्पताल की सफाई में लगाया था। अस्पताल की तरफ से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कोई सुरक्षा सामग्री भी नहीं दी जाती थी और सभी महिलाएं जान की परवाह किए बगैर कार्य कर रही थी। जबकि उस समय कई अस्पताल के स्थाई पुराने कर्मचारी ऐसे थे जो छुट्टियां लेकर कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अपनी ड्यूटी देने से बचना चाह रहे थे लेकिन ऐसे कठिन दौर में हमने काम किया लेकिन उसके बाद भी तनख्वाह नहीं दी गई अब यह स्थिति है कि हमारे घर में खाने के भी लाले पड़े हुए हैं।

मजबूरी बताई तो ठेकेदार ने कुछ को टुकड़े टुकड़े मैं दो 2-3 हजार रुपए दिए

कुछ सफाई कर्मियों को ठेकेदार ने 2-3 हजार रुपए देकर रवाना कर दिया और अब तो ठेकेदार संजय अग्रवाल ने फोन भी उठाना बंद कर दिया है ऐसी स्थिति में परेशान होकर सभी सफाई कर्मी ने आज कोठी पहुंचकर एसडीएम को एक शिकायती आवेदन सौंपकर अपनी पीड़ा बताइए तथा मांग की है कि उन्हें ठेकेदार द्वारा दिए जाने ₹6000 व कलेक्टर रेट मिलाकर वेतन दिया जाए।

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