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सीमांकन का खेल, राजस्व अधिकारियों के साथ पार्षद की भूमिका पर सवाल

नीमनवासा में सर्वे क्रमांक 370 पर होना था निर्माण, 368-369 पर कर दिया, भूमि की अफरा तफरी के खिलाफ लोग पहुंचे कलेक्टर के पास

उज्जैन। नीमनवासा में भूमि की अफरा तफरी का मामला सामने आया है, जिसमें क्षेत्रीय पार्षद सुंदरलाल मालवीय के साथ ही राजस्व अधिकारी, कर्मचारियों पर सांठगांठ के आरोप लगे हैं। कोठी पर कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि पूर्व में 3 सीमांकनों में हमें हमारी भूमि पर काबिज दर्शाया गया, लेकिन चौथी बार हमें हमारी भूमि से मनमाने तरीके से आगे बढ़ा दिया गया, अब हमारी मूल भूमि छीनी जा रही है। भूमि की अफरा तफरी अजीतसिंह ठाकुर व राजस्व अधिकारी, कर्मचारीगण ने मिलकर की है। ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने मांग की कि भूमि सर्वे क्रमांक 368, 369 के भू भाग पर जो सर्वे नंबर 370 मानकर मनमानी भवन निर्माण अनुज्ञा नगर निगम ने जारी की है, उसे निरस्त किया जाए। जो निर्माण टैगोर इंस्टीट्यूट नामक संस्था द्वारा किया जा रहा है उसे हटवाया जाए। क्योंकि जो निर्माण हो रहा है वह हमारी भूमि सर्वे नंबर 368, 369 पर हो रहा है सर्वे क्रमांक 370 पर नहीं।

दरअसल यहां सिलाई केंद्र की प्लानिंग सर्वे क्रमांक 370 की भूमि पर होनी थी, लेकिन यहां निर्माण सर्वे क्रमांक 368, 369 पर किया जा रहा है। मोइनउर्रेहमान उस्मानी, गोपाल कुशवाह, दीपक कुशवाह, जगदीश योगी सहित अन्य लोगों ने कोठी पहुंचकर बताया कि भूमि की अफरा तफरी में अजीतसिंह ठाकुर की साजिश पूर्ण रूप से है। समस्त लेखों पर अजीतसिंह ठाकुर के दस्तखत हैं तथा अजीतसिंह ने हमारे द्वारा भूमि क्रय करने के बावजूद स्वयं के नाम पर निष्पादित मुख्त्यारनामा आम लेख के आधार पर करीब 3-4 लोगों को प्लाट भी बेचे हैं। जगदीश योगी ने बताया कि 30 नवंबर 2011 को अजीतसिंह ठाकुर ने उक्त भूमि हमें अठारह लाख में बेची थी। भूमि खरीदने के बाद भूमि का सीमांकन तत्कालीन पटवारी ओमप्रकाश विश्वप्रेमी ने किया, इसके बाद दो बार और सीमांकन हुआ। जिसमें तत्कालीन पटवारी सुभाषजी व बाद में पटवारी श्री शर्मा ने किया। 12 जनवरी 2021 को विधिवत रूप से म.प्र. लोकसेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत भूमि का सीमांकन हेतु आवेदन दिया। 21 जनवरी 2021 को पटवारी शंकरलाल कोरट एवं दो राजस्व निरीक्षकों द्वारा भूमि सीमांकन किया गया परंतु इस दौरान हमारे दस्तावेजों को नहीं देखा। समीप स्थित अन्य संस्था टैगोर इंस्टीट्यूट फॉर मल्टीपर्पज एजुकेशन, ममता सोनगरा पिता हेमराज सोनगरा की भूमि सर्वे नंबर 370 रकबा 0.520 हे. द्वारा हमारी भूमि सर्वे क्रमांक 368, 369 के भागों पर किये जा रहे अवैध निर्माण को अवैध दर्शाने की बजाये भूमि सर्वे नंबर 370 को और हमारी भूमि सर्वे नंबर 368, 369 के भागों पर दर्शाया गया और हमारी भूमि को आगे की तरफ दर्शाया गया, जिससे हमारे हक और अधिकार प्रभावित हुए। उक्त भूमि सर्वे नंबर 370 को सलीम खान ने अजीतसिंह ठाकुर को बेचा था व अजीतसिंह ठाकुर ने दान पत्र द्वारा उक्त भूमि उपरोक्त संस्था को दी। इसमें अजीतसिंह ठाकुर दान हो चुकी भूमि को हमारी भूमि में दर्शाकर भूमि हड़पना चाहते है। भूखंड धारकों ने अजीतसिंह ठाकुर पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि 21 जनवरी 2021 को हुए सीमांकन से असंतुष्ट हैं, इसलिए पुनः भूमि का सीमांकन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कराया जाए।
अधिकारी, जनप्रतिनिधि पर दर्ज हो मुकदमा
ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने कहा कि आपसी सांठगांठ द्वारा हमारी भूमि की अफरा तफरी करने की साजिश का प्रयास करने वाले राजस्व निरीक्षक, पटवारी, अजीतसिंह ठाकुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए व राजस्व निरीक्षकद्वय, पटवारी के विरूध्द विभागीय जांच भी की जाए, ताकि भविष्य में भूमि की अफरा तफरी करने की साजिश न कर सकें। उक्त भूमि सर्वे नंबर 370 पर आपत्ति का निराकरण किये बिना कोई भवन निर्माण अनुज्ञा स्वीकृत न करें।
पार्षद ने शासकीय मद, निजी निर्माण में लगवाया
आरोप लगाया कि टैगोर इंस्टीट्यूट द्वारा क्षेत्रीय पार्षद से सांठगांठ कर पार्षद, निगम या शासकीय मद से निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करवाई गई है जो पूरी तरह अवैधानिक है, निजी निर्माण कार्य हेतु शासकीय राशि का उपयोग अवैधानिक माना जाता है। तत्काल निर्माण रोका जाए तथा मौके पर विकास कार्य हेतु स्वीकृत राशि को तत्काल निरस्त किया जाकर राशि की मय ब्याज रिकवरी की जाए और निजी कार्य हेतु शासकीय राशि प्रदान करने वाले दोषी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
3 बार के सीमांकनों को धता बताया
म.प्र. लोकसेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के तहत हुए सीमांकन में राजस्व अधिकारी, कर्मचारी द्वारा अजीतसिंह ठाकुर के साथ सांठ गांठ कर 3 बार हुए सीमाकंनों को धता बताकर मनमाना सीमांकन कर भूमि की अफरा तफरी करने के प्रयास को लेकर कलेक्टर को शिकायत की तथा दोबारा सीमांकन कर भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल तुड़वाने की मांग की तथा निर्माण अनुज्ञा निरस्त करवाने का निवेदन किया।

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