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कड़ी मेहनत ही युवाओं के लिए सफलता का एकमात्र रास्ता

उज्जैन। सिविल सेवा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रशिक्षणार्थियों को इंटरनेट से नहीं बल्कि किताबों से पढ़ाई करना चाहिये। इस पढ़ाई में कोचिंग कक्षाओं की विशेष भूमिका है क्योंकि वे मार्गदर्शन करती हैं और समय बचाती हैं। सफलता का कोई फार्मूला है ही नहीं। रणनीति बनाकर समय के प्रबंधन के साथ कड़ी मेहनत करके ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
यह विचार उज्जैन के एसएसपी सचिन अतुलकर ने व्यक्त किये। वे जोशी आईएएस और आस्था समाज रचना सेवा अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित डॉ. राजी वक्त प्रतिभा सम्मान समारोह 2020 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह में विशेष अतिथि लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मिश्रा ने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में खास बात यह होती है कि हम कितना पढ़ते हैं और कैसे पढ़ते हैं। प्रशिक्षार्थियों को गाईड या कुंजी पर निर्भर नहीं रहना चाहिये। कार्यक्रम के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके कुलकर्णी ने कहा कि कड़ी मेहनत ही सफलता की ओर ले जाती है। जीवन में मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। सफलता का एक ही मंत्र है कि अपने काम से प्यार कीजिये। समारोह में राजेश मिश्रा, सचिन अतुलकर और एसके कुलकर्णी को विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। राजेश गंधरा, नईम खान, पंकज चांदोरकर, डॉ. रश्मि कोठालकर, रचना जैन, पूजा भाटी और अनुभा त्रिवेदी सहित उज्जैन के उनतीस युवा और वरिष्ठ प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रतिभा खोज परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले अशोक चौधरी, गर्विता जैन, सरिता बालेचा के नामों की घोषणा डॉ. शादाब अहमद सिद्दीकी द्वारा की गई, अतिथियों ने उन्हें पुरस्कृत किया। स्वागत भाषण डॉ. पांखुरी वक्त जोशी ने किया। सूत्रधार और समन्वयक अशोक वक्त थे।

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