धार्मिक न्यूज़

निर्मल अखाड़े के महंत बोले – शैव अखाड़ों ने बैठक में मुझे नहीं बुलाया

- न अखाड़े का कोई प्रतिनिधि शामिल हुआ, उक्त बैठक से निर्मल अखाड़े का कोई संबंध नही

 

उज्जैन। बड़नगररोड स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के महंत संत बेअंतसिंह ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि बुधवार को निरंजनी अखाड़े में हुई बैठक में शैव अखाड़ों की ओर से उन्हें कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसलिए वे न तो इस बैठक में शामिल हुए और न ही उनका कोई प्रतिनिधि बैठक में गया।

महंत संत बेअंतसिंह ने कहा कि शैव अखाड़ों की बैठक में लिए गए निर्णय से भी निर्मल अखाड़े का कोई संबंध नही है। उक्त बैठक के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी। सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि बैठक में निर्मल अखाड़े का नाम बोलकर जो त्रिलोचन सिंह शामिल हुए थे उनका इस अखाड़े से कोई संबंध ही नहीं है। वे गुरुद्वारे से संबंधित है तथा उन लोगों की निर्मल अखाड़े की संपत्ति पर नजर है। इसलिए वे अपने को अखाड़े से जुड़ा होना बताते हैं। जबकि निर्मल अखाड़ा गुरुद्वारे से बिल्कुल अलग है और अखाड़े द्वारा उन्हें ही महंत नियुक्त कर रखा है तथा अखाड़े के महंत प्रतिनिधि के रूप में तीर्थ पुरोहित पंडित रमाकांत जोशी कार्य देखते हैं। इसके अलावा अखाड़े से संबंधित कोई व्यक्ति नियुक्त नहीं है।

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