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आरके डेवलपर्स राकेश बाबू की कॉलोनी में है, आपत्तियों के रोड़े…

इन साहब ने कर दी स्वर्गीय संपत बाई की संपत्ति विलोपित…!

आम के आम गुठलियों के दाम इस मुहावरे के इर्द-गिर्द काम कर रहे आरके डेवलपर के मालिक इंदौरी राकेश बाबू शहर के अन्य भू माफियाओं के आईकॉन बन गए है। राकेश बाबू से शहर के अन्य भूमाफिया इतने प्रभावित हैं कि वे अब इनसे जुड़ कर इनके आईडियोलॉजिकल माइंड के मुरीद होकर इनके साथ काम करना चाहते हैं। इनके आईडियोलॉजिकल माइंड की अगर बात करें तो राकेश बाबू ही वह पहले इंसान है, जिसने भू माफियाओं को आवास मेंले जैसी एक नई सौगात प्रदान की हो। इस सौगात के रीवार्ड् भी बेशक विज्ञापनों के माध्यम से आए दिन प्रकाशित होते रहते है। आवास मेला सर्वसुविधा युक्त व भूमाफियाओ के लिए एक बड़ी सौगात बन   कारगर साबित होता दिख रहा है। जिसमे कालोनी काटने का प्लान ही काफी है। क्योंकि शासन के नियमों का पाठ इस आवास मेले में जरूरी नहीं।

सूत्र बताते हैं, कि आईडियोलॉजिकल इंदौरी राकेश बाबू को हामूखेड़ी वाली कॉलोनी में आम की यही गुठली गले में अटक गई है। ताजा मामला आवास मेला लगाने के दौरान ही घटित हुआ बताया जा रहा है कि इस बार आयोजित आवास मेले उत्सव से ज्यादा तो फजीहत का माहौल बना रहा। जो भू माफियाओं ने मिलकर टारगेट तय कर रखा था वह पूरा नहीं हो सका । साथ ही नेताजी का सत्कार अलग जेब के पैसों से करना पड़ा। वही हामूखेड़ी वाली कॉलोनी की भूमि से जुड़े किसान को रातों-रात 70 लाख रुपए अदा करना पड़ गए। राकेश बाबू ने सोचा की आईडियोलॉजिकल माइंड के बलबूते वह सब निपटा लेगे, लेकिन हामूखेड़ी वाली जमीन के सौदे में हाल-फिलहाल आपत्तियों का दौर सिलसिलेवार जारी है।

आगे….

स्वर्गीय संपत बाई की संपत्ति में आरके डेवलपर और पटवारी की मिलीभगत से सर्वे क्रमांक 143/3/2 में हुआ खेला… पढ़ें अगले अंक में…

कलम से सत्य की गूंज...

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