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फिर सुर्खियां बटोरेगा उज्जैन कैसे 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक, बढ़ते मौत के आंकड़े बन चुके है सुर्खियां

क्या उज्जैन में बन गया है कोविड-19 ठीक करने का वैक्सिंन? 42 दिनों में 04 मरीज ठीक, करने वालो ने 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक कर दिए कैसे जानें

धर्मेन्द्र सिरोलिया

उज्जैन। कोरोना वायरस की उज्जैन जिले में पहली दस्तक 22 मार्च को पुराने शहर में हुई थी। जिसमें जानसापुरा निवासी महिला राबिया-बी उम्र 65 वर्ष को इस संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया था जिन्हें उपचार हेतु इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहाँ उपचार के 3 दिनों बाद 25 मार्च बुधवार को कोरोना संक्रमण सेे महिला की मृत्यु हो गई थी।
देश मे यह 11वी मौत व पूरे मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण से पहली मौत हुई थी,जिसके बाद उज्जैन को खूब सुर्खियां मिली थी!

इसी बीच मध्यप्रदेश में राजनीतिक घमासान के बाद कमलनाथ को पटखनी देते हुए चौथी बार सिंधिया मय शिवराज प्रदेश के मुखिया बने व अकेले ही कोरोना वायरस को प्रदेश में घुसने से कैसे रोका जाए यह अधिकारियों के साथ समीक्षा करते रहे। खैर इस राजनीतिक पखवाड़े से वर्ष भर अलग रहने के बाद शिवराज को सत्ता सुख तो मिल गया, मगर कोविड-19 वायरस ने सत्ता सुख में फफूंद लगा दी। खैर यह चर्चा का विषय किसी और दिन होगा!

बात करते हैं अधिकारियों और आरडी गार्डी हॉस्पिटल की बदौलत दूसरी उपलब्धि की।

पहली उपलब्धि पढ़कर आप समझ ही गए होंगे की दूसरी उपलब्धि कैसी होगी तो सुनिए दूसरी उपलब्धि… दूसरी उपलब्धि में 45 मौत…थी..जी हाँ मौत।

मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के साथ ही उज्जैन जिले भर में मौत का तांडव मचा हुआ था और ये तांडव बाबा महाकाल नही मचा रहे थे? बल्कि व्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा ऑडी गारड़ी हॉस्पिटल मचा रहा था। प्रतिदिन यहां कोरोना संक्रमण के मरीजों की मौत होती । पूरे देश में किसी जिले में इतनी मौत नही हुई जितनी उज्जैन जिले में मोते हुई। प्रतिशत में ये आंकड़ा चौकाने वाला था। 29 अप्रैल को 14.28 प्रतिशत तक ये आंकड़ा था। कारण अज्ञात था कोई जिमेदार इन मौतों का ताज पहनने के लिए आज दिनांक तक तैयार नही है। जिसके बाद राजनीति के साथ ही सोशल मीडिया पर खासा विरोध आरडी गारड़ी हॉस्पिटल के विरुद्ध छिड़ा। खेर इस सब के बाद भी संबधित अस्पताल पर ना तो कोई कारवाही की गई ना आज दिनांक तक कुछ हुआ, हुआ जरूर बस ये की अब जिले में मृत्यु आंकड़ा प्रशासन अधूरा-अधूरा बता रहा है ऐसा क्यों हो रहा है ये तो स्वास्थ विभाग या फिर प्रदेश के मुखिया शिवराज ही बता सकते है। फिलहाल हेल्थ बुलेटिन के अनुसार आज दिनांक 15 मई तक कोरोना संक्रमित मरीजों की मृत्यु का ग्राफ 47 तक पहुँच चुका है वही पॉजिटिव मरीज 296 वही कोविड-19 के प्रभाव से ठीक हो गए मरीजों की संख्या 146 तक पहुँच गई है। जबकि 2 मई के हेल्थ बुलिटीन के अनुसार 156 मरीज कोरोना संक्रमित थे जिसमें केवल 04 मरीज ठीक हुए थे याने 13 दिनों में 144 मरीज ठीक हुए है।

फिर सुर्खियां बटोरेगा उज्जैन कैसे 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक, बढ़ती मौत के आंकड़े बन चुके है सुर्खियां
फिर सुर्खियां बटोरेगा उज्जैन कैसे 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक, बढ़ती मौत के आंकड़े बन चुके है सुर्खियां

तीसरी उपलब्धि कोविड-19 के मरीजों को इतनी तेजी के साथ ठीक करना। पुरस्कार के काबिल

जैसा की आप जानते है कि, उज्जैन जिले में 22 मार्च को कोरोना की दस्तक हो चुकी थी जिसके बाद से ही आज दिनांक तक कोरोना संक्रमित मरीजों में इजाफा दिन प्रतिदिन तेजी के साथ हो रहा है। आज के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 296 है। जिसमें से आधे मरीज यानी 146 कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग स्वस्थ कर अपने घर भेज चुका है, साथ ही 47 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो गई है। अब जिले में केवल 103 ही कोरोना संक्रमित मरीज शेष है।
अगर हम थोड़ा पीछे जाकर देखते हैं तो पहले की अपेक्षा मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी तो हुई है मगर साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया अब यह कैसे हुआ यह तो जिम्मेदार ही बता सकते हैं।
बात करते हैं 2 मई गुरुवार 2020 के हेल्थ बुलेटिन की 156 कोरोना पॉजिटिव मरीज, जिसमें 30 संक्रमित मरीजों की मृत्यु हो चुकी थी, वही केवल 04 कोरोना संक्रमित मरीज ही ठीक हो पाए थे।
अब बात करते है दिनांक 15 मई शुक्रवार 2020 आज के हेल्थ बुलेटिन की 296 कोरोना पॉजिटिव मरीज, जिसमें 47 संक्रमित मरीजों की मृत्यु हो चुकी है, वही अब तक 146 मरीजों को स्वस्थ अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेजा जा चुका है।

फिर सुर्खियां बटोरेगा उज्जैन कैसे 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक, बढ़ती मौत के आंकड़े बन चुके है सुर्खियां
फिर सुर्खियां बटोरेगा उज्जैन कैसे 13 दिनों में 142 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक, बढ़ती मौत के आंकड़े बन चुके है सुर्खियां

अब सवाल यह उठता है की 2 मई से लेकर 15 मई तक केवल 13 दिनों में ही कैसे इतने कम समय मे स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन इतने सारे मरीजों को ठीक कर पा रहा है? क्योंकि अगर 22 मार्च से लेकर 2 मई तक 42 दिनों में केवल 04 मरीज ही ठीक होते है और 13 दिनों में 144 मरीज ठीक हो जाते है तो कही ना कही आमजन में शंका जन्म ले रही है, क्योंकि बीते दिनों में जिस तरह का माहौल उज्जैन जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बना वही ऑडी गारड़ी अस्पताल को बचाने के जो प्रयास नित्य प्रतिदिन जारी है उससे साफ तौर से यह जाहिर किया जा सकता है कोरोना वायरस को शहर जरूर सीरियस ले चुका है मगर जिम्मेदार राजनीति का शिकार होते हुए अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं जिसका उदाहरण हर दिन कोरोनावायरस के पॉजिटिव बढ़ते आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। खेर शहर की आमजन यही चाहेगी की शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारू रूप से सही ढंग से चलें और जो आंकड़े प्रशासन दिखा रहा है वह सत्य हो।

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