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शहर में सूदखोरों का दबदबा, पुलिस भी इनके आगे नतमस्तक

सूदखोरों से तंग आकर फोटोग्राफर ने की खुदकुशी

उज्जैन। शहर में सूदखोरों का इतना दबदबा है कि पुलिस भी इनके आगे नतमस्तक है हाल ही की एक ताजा घटना है जिसमें नेतागिरी का चोला ओढ़कर ब्याज खोरी का धंधा करने वाले रसूखदार सूदखोरों से तंग आकर एक फोटोग्राफर ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मिली जानकारी के अनुसार नानाखेड़ा स्थित अभिषेक नगर में रहने वाले नीलेश शेल्के उम्र 35 वर्ष जो की फोटो ग्राफी का कार्य करता था तथा उसका फ्रीगंज मैं बीजेपी कार्यालय के समीप फोटो स्टूडियो है। चिंतामन पुलिस ने बताया कि फोटोग्राफर निलेश शेल्के ने गुरुवार दोपहर बड़नगर रोड पर स्थित धर्म धरमबड़ला पहुंचकर जहर खा लिया। जहर खाने के बाद उसने अपने दोस्त गोपाल को फोन लगाकर इसकी जानकारी भी दी थी। जानकारी मिलने के बाद नीलेश का दोस्त गोपाल बड़नगर रोड स्थित धरमबलडा पर पहुंचा। जहां उसे निलेश बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला। दोस्त उसे तुरंत इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

मरने से पहले फोटोग्राफर ने दोस्तो को कहा पुलिस को सौंप देना मेरी एक्टिवा

निजी अस्पताल में इलाज के दौरान फोटोग्राफर निलेश ने अपने दोस्तों को कहा कि उसकी एक्टिवा में एक सुसाइड नोट रखा है। एक्टिवा को मौत के बाद पुलिस को सौंप देना। निलेश के दम तोड़ने के बाद उसके दोस्त एक्टिवा लेकर चिंतामन थाने पहुंचे। जहां पुलिस को एक्टिवा में से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कुछ लोगों के नाम लिखे हैं। जिन से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है।

सुसाइड नोट में कई सूदखोरों के नाम आए सामने

चिंतामन पुलिस ने बताया कि एक्टिवा की डिक्की में सुसाइड नोट मिला है। जिसमें रणदीप सिंह मक्कड़ और दिग्विजय सिंह के साथ ही अतुल और अन्य लोगों के नाम लिखे हुए हैं। जिनसे निलेश ने कुछ रुपए उधार लिए थे।

ब्याज की रकम चुकाने के बाद भी परेशान कर रहे थे सूदखोर

1 वर्ष पहले उसने ब्याज पर रुपए लिए थे तथा ब्याज की रकम वह सूद सहित चुका रहा था लेकिन मूलधन से अधिक ब्याज देने के बाद भी उस पर रुपए के लिए दबाव बनाया जा रहा था। तथा सुसाइड नोट में जिक्र है कि रणदीप सिंह और अन्य ने उसे धमकाया भी था। गौरतलब है कि रणजीत सिंह भाजपा आईटी सेल और दिग्विजय सिंह दौलतगंज मंडल अध्यक्ष है।

नानाखेड़ा पर कैफे भी खोला था फोटोग्राफर ने

फोटोग्राफर नीलेश शादीशुदा था नीलेश के पिता भी फोटोग्राफर थे तथा उसके पिता की 10 साल पहले बड़नगर रोड पर एक दुर्घटना में मौत हो गई थी उसके पिता वन विभाग की टीम के साथ फोटो खींचने गए थे तब से नीलेश अपनी मां के साथ रहता था उसके बाद उसने अभिषेक नगर में अपना खुद का मकान ले लिया था और पत्नी नेहा और पुत्र श्रेयांश के साथ रहता था फ्रीगंज वसावड़ा पेट्रोल पंप पर नीलेश के पिताजी का आरके फोटो स्टूडियो के नाम से दुकान थी जिसे भाइयों के बंटवारे में भेज दिया था और उसके बाद फोटोग्राफर निलेश ने खुद का फ्रीगंज लोक शक्ति कार्यालय के समीप फोटो स्टूडियो खोला था। तथा 1 वर्ष पहले उसने नानाखेड़ा ट्रेजर बाजार पर भी एक कैफे हाउस के नाम से दुकान खोली थी लेकिन लाख डाउन में सब कारोबार बंद पड़ा था तथा जो कर्ज लिया था उसकी मूल राशि चुकाने के बाद भी ब्याज को राय दिन परेशान कर रहे थे जिससे तंग आकर उसने मौत को गले लगा ली।

लॉकडाउन के बाद की स्थिति भयावह, आत्महत्या के मामले बड़े

लॉकडाउन के बाद की स्थिति भयावह बन गई है कामकाज बंद होने की वजह से कई व्यापारी कर्ज तले दब गए हैं तथा सूदखोर के तगादे की वजह से व्यापारी तंग होकर आत्महत्या कर रहा है लेकिन सूदखोरों पर लगाम कसने वाला कोई नहीं है इन सूदखोरों की वसूली भी लगातार जारी है यह सूदखोरों पुलिस से सांठगांठ कर अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण फोटोग्राफर की मौत के बाद सामने आया है उज्जैन में कई ऐसे सूदखोर है जो पुलिस का इस्तेमाल कर अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं इसके पहले भी माधव नगर पुलिस ने एक सूदखोर सोमानी से सांठगांठ कर चिमनगंज मंडी के एक भोले-भाले व्यापारी लकी खंडेलवाल को फसाकर उस पर अमानत में खयानत का फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उसे फसा दिया था ऐसे कई लोग हैं जो निर्दोष होने के बाद भी इन सूदखोरों की हवस का शिकार हो रहे है

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