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विडिओ : भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी धूमधाम से निकली

सवारी मार्ग को ध्वज, वंदनवार एवं गुब्बारों से सजाया गया, राजा महाकाल के स्वागत के लिये सवारी मार्ग में लाल कालीन बिछाया गया

उज्जैन । भगवान महाकालेश्वर की शाही सवारी आज 17 अगस्त को धूमधाम से निकाली गई। पालकी में विराजित मनमहेश जैसे ही महाकाल मन्दिर परिसर से बाहर आये, कड़ाबीन के धमाकों से लोगों को राजाधिराज के आने की सूचना दी गई। समूचा परिवर्तित सवारी मार्ग ध्वज, वंदनवार एवं गुब्बारों एवं फूलों से सजाया गया था। सवारी के लिये मार्ग में लाल कालीन बिछाया गया। सवारी के आगे नगर के राजा के सम्मान में घुड़सवार दल चल रहा था। इसके पीछे पुलिस बैण्ड “ओम नम: शिवाय” की धुन बजाते हुए निकला।

इसके पूर्व महाकालेश्वर मन्दिर के सभा मण्डप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन पुजारी  घनश्याम शर्मा द्वारा किया गया एवं उन्हें पालकी में विराजित किया गया। सभा मण्डप में संभागायुक्त  आनन्द कुमार शर्मा ने सपत्नीक भगवान मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन किया एवं आरती उतारी।

भगवान महाकालेश्वर की सवारी में पुलिस बैण्ड के बाद महाकाल का चांदी का ध्वज निकाला गया। इसके बाद सवारी निकली। सवारी के पीछे पांच मुखौटे एक रथ पर एवं हाथी पर चंद्रमौलेश्वर सवार होकर निकले। सम्पूर्ण सवारी मार्ग में संभागायुक्त  आनन्द कुमार शर्मा, आईजी  राकेश गुप्ता, डीआईजी  मनीष कपूरिया, कलेक्टर  आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक  मनोज सिंह सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी एवं पुजारी चल रहे थे। पूर्व सवारियों की तरह दो नगाड़े भी आकर्षण का केन्द्र बने हुए थे।

परिवर्तित मार्ग अनुसार भगवान महाकालेश्वर की सवारी महाकाल मन्दिर से बड़ा गणेश मन्दिर होते हुए हरसिद्धि मन्दिर चौराहा पहुंची। यहां से झालरिया मठ और बालमुकुंद आश्रम होते हुए सवारी रामघाट पर पहुंची।

रामघाट पर सांसद द्वारा

भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन किया

रामघाट पर भगवान महाकालेश्वर की पालकी के पहुंचने के पश्चात उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, कृषि मंत्री  कमल पटेल, लोकसभा सांसद  अनिल फिरोजिया और राज्यसभा सदस्य  ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूजन-अर्चन पं.आशीष गुरू द्वारा सम्पन्न करवाया गया। इस दौरान अन्य पुजारी भी मौजूद थे। परम्परा अनुसार दत्त अखाड़े की तरफ से शिप्रा नदी के दूसरे तट से भी भगवान महाकालेश्वर की आरती की गई। रामघाट से पूजन-अर्चन के पश्चात भगवान महाकालेश्वर की पालकी को होमगार्ड के सशस्त्र बल के जवानों द्वारा सलामी दी गई। इस अवसर पर रामघाट पर रंग-बिरंगी छत्रियों में आतिशबाजी आकर्षण का केन्द्र थी। 

इसके पश्चात सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि की पाल होते हुए हरसिद्धि मन्दिर मार्ग, बड़ा गणेश मन्दिर के सामने से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मन्दिर पहुंची।

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